गरारी नहीं अटकी और मोटर चल पड़ी.....
गरारी नहीं अटकी और मोटर चल पड़ी जी हां जैसा कि मैंने लोकसभा चुनाव
से चंद दिनों पहले लिखे अपने लेख ‘गरारी अटकनी नहीं चाहिएं’ में कहा था कि 2014 लोकसभा चुनाव में
भाजपा की गरारी अटकनी नहीं चाहिएं और ठीक वैसा ही हुआ—देश में मोदी नाम की तिलस्मी
लहर चली और ये लहर नमो को देश के प्रधानमंत्री के तख्त पर बैठाने के बाद ही शांत
हुई।।
इस बार देश में कुछ ऐसा हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ बच्चे हो या
बुजुर्ग-बीजेपी सपोर्टर हो या विरोधी यहां तक की विदेशी मीडिया.. सबकी जुंबा पर बस
नमो का ही जाप था, और इन सबका ये जाप तब सफल हुआ जब मोदी ने देश की कमान संभाली।
अगर देखा जाए तो मोदी प्रधानमंत्री पद की रेस में अव्वल आए हैं, और अब
उन्होंने 7 आरसीआर में प्रवेश भी कर लिया है लेकिन यहीं से उनकी असली परिक्षा शुरू
होगी- उनके लिए सफर कांटो और अंगार से भरा होगा।।
अब ऐसे में देखना ये दिलचस्प होगा कि मोदी ने देश की जनता को अपनी
हाई-टैक रैलियों-भाषणों-रोड शो-सोशल मीडिया कैंपेनिंग के जरिए जो सपने दिखाएं हैं
क्या वो उनको पूरा कर पाने में कामयाब होंगे, या पिछली बार की तरह अयोध्या राम
मंदिर निर्माण की तरह कुचल देंगे और ठंडे बस्ते में डाल देंगे।
बड़े-बुजुर्ग कहते आए हैं और हमने ये खुद देखा भी है कि हम किसी इंसान
से अगर ज्यादा महत्वकांक्षाएं रखते है तो हमेशा दुख होता है अगर कहीं इस बार ये
देश की जनता के साथ हुआ तो शायद ही किसी राजनेता पर विश्वास कर पाएगी क्योंकि दिल्ली
और देश की जनता आम आदमी पार्टी के झूठे वादे और सपनों के टूटने से बड़ी आहत हुई
है।
गौरतलब है कि बीते दिनों हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली
समेत पूरे देश में आप की लहर थी, इस दौरान देश की जनता का रुख दो भागों में बंट
गया एक नमो और दूसरा आप। आप के सामने नमो का जाप फीका होता दिख रहा था लेकिन आम
आदमी पार्टी के जहाज को सहारा देने के लिए जब कांग्रेस ने हाथ बढ़ाया तो राजनीति
में अभी हाल ही में पनपे नए नवेले जहाज में छेद होते देर नहीं लगी जिसका परिणाम ये
हुआ कि ये जहाज जुमा-जुमा दिल्ली की राजनीति के समुद्र में 49 दिन का सफर ही तय कर
सका जिसके बाद फिर से लोगों ने नमो जाप शुरू किया और इस बार जो नमो जाप चला तो
मोदी को हिंदुस्तान का पीएम के तख्त पर बैठाने और के बाद ही बंद हुआ।।
खैर अब देखना ये दिलचस्प होगा कि देश के लोगों के अच्छे दिन कब से
शुरू होते और कब तक रहते हैं…
अच्छे दिन आने की उलटी गिनती शुरू....;)
:P
(अंकित शर्मा)