गुरुवार, 21 नवंबर 2013

और भी तेजपाल हैं यहां...



हां यहीं के लोगों को कहते-सुनते, बुदबुदाते-बड़बड़ाते हुआ सुना था कि यहां इस लाइन में ये आम बात है। यहां आगे बढ़ने का रास्ता यहीं से होकर गुजरता है।
फिर आज ये बात जो इस लाइन के लोगों के लिए आम थी जो वो किसी भी नए इंटर्न के सामने कहने से हिचकिचाते नहीं थे। आज क्यों मशहूर खोजी पत्रिका तहलका के एडिटर तरुण तेजपाल के ऊपर उंगलिया उठा रहे हैं।
पर्दा उठा तो,नकाब उठा तो, पोल खुली तो...शर्मसार इस लाइन के भी बड़े-बड़े दिग्गज हो सकते हैं। उनकी भी केबिन के अंदर की कहानी,नाइट शिफ्ट का रोमांस देशवासियों के सामने आ सकता है।
आज एक टीवी चैनल के हेड बड़ी शराफत,बड़ी नजाकत,बड़े इतराते हुए तहलका के एडिटर तरुण तेजपाल के खिलाफ मोर्चा खोल कर अपनी शराफत का परचम लहरा रहे थे।
क्या वो नहीं जानते इस लाइन की गंद को कि यहां क्या-क्या होता है या आप और हम नहीं जानते.....
अभी नींद में स्वपन देख रहा था कि देश में किसी समय संत कहे जाने वाले,पूजे जाने वाले आसाराम,नारायण साईं की तरह इस लाइन के लोगों के ऊपर आरोप लग सकते हैं।
इनमें से भी कुछ फरार हो सकते है....जो साईं को भगौडा बताते है पैकेज चलाते है.....
चलिए जनाब जरा सोच लीजिए बस संभल जाईए यही हिदायत है..मशवरा है....

वरना आसाराम भी बड़े चौडा करते थे आप खबर चलाया करते हैं वो सत्संग कराया करता था..........अंकित शर्मा 

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