भइया कोई बताएगा ये हो क्या रहा इस मीडिया जगत में बीते दिनों नेटवर्क18 में 300से अधिक लोगों की छटनी और अब खबर सहारा मीडिया के गलियारे से आ रही है कि वहां भी छटनी का कार्य प्रगति पर है। एक ओर जहां मीडिय चंद कॉर्पेरेट,राजनेताओँ,माफियाओं,बाबओं की कठपुतली बन चुका है,पहले से ही पेड न्यूज का दौर जोरों पर है,पहले से ही पत्रकार स्वतंत्र नहीं रहा कोई सही खबर चलाने के...फिर क्या दिक्कत आन पड़ी है.........ये झोल मेरी समझ से परे है या तो मैंने अभी ज्यादा समय अभी इन कॉर्पोरेट जगत के लोगों की चिलम भरने में लगाया नहीं या कुछ और.......वैसे एक लाइन पढ़ी थी जर्नलिजम की एक किताब में जिसमें लिखा था पत्रकार के कर्तव्य उसमें लिखा था serve the people,serve the nation लेकिन अब लगता है उस किताब में भी देश के संविधान की तरह संशोधन की जरुरत है...serve the co-orporators,politicians,corr upt people & earn the money.... अंकित शर्मा
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